यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की रैली यूपी के बलिया में थी , जहां मंगलवार को रैली ग्राउंड में सीएम योगी आदित्यनाथ को सुनने के लिए भीड़ जुटी थी। इस भीड़ में महिलाओं की भी अच्छी खासी संख्या थी। इस भीड़ में एक मुस्लिम महिला भी थी।पुलिस ने भीड़ में बैठी इस मुस्लिम महिला का बुर्का सबके सामने उतरवा दिया। महिला भीड़ में बैठी थी और इसी दौरान उसके पास पुलिस पहुंची और महिला का बुर्का उतरवा कर अपने साथ ले गई।
सीएम योगी आदित्यनाथ की रैली में भारत माता की जय के नारे लग रहे है। दूसरी तरफ महिला पुलिस अफसर रैली में बैठी महिलाओं की भीड़ की तरफ जाती हैं और कुर्सी पर काले रंग के बुर्के में बैठी मुस्लिम महिला से उसका बुर्का उतारने को कहती है।
पुलिस के पहुंचने पर यह महिला थोड़ी सहम गई,  जब उसे महिला पुलिस अधिकारी ने कहा कि आप अपना बुर्का उतार दीजिए।तो इस महिला को काफी असहज स्थिति का सामना करना पड़ा।
सायरा नाम की इस महिला का कहना है कि वो हमेशा रैलियों में बुर्का पहन कर ही जाती है, लेकिन आज तक किसी ने उसका बुर्का नहीं उतरवाया, ऐसा उसके साथ पहली बार हुआ है।
यू पी पुलिस अब तक आंख और कान बंद किये हुए है।उनको ऐसे मामलों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
बलिया के एसपी अनिल कुमार ने इस पूरे मामले पर कहा है कि, ‘मुझे ऐसी किसी घटना की सूचना नहीं मिली है, हालांकि सभी को यह निर्देश दिए गए थे कि योगी के सामने कोई भी काले कपड़े पहनकर ना आए। इसके बाद मीडियाकर्मी जो आम जनता और कुर्सिवालो को जगाने का काम बेहतरीन ढंग से कर रहे हैं।उनके द्वारा बड़े ओहदे के लोग जागते ही अपने मुखारबिन्दू से पावन शब्दो की उद्घोषणा किये जो इस प्रकार से है कि “हम इस पूरे मामले की जांच करेंगे और जो भी कार्रवाई आवश्यक होगी वह की जाएगी” ‘
इस मामले को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इस घटना पर आपत्ति जताई है।बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद राशिद फिरंगी महली ने कहा, ‘पूरी दुनिया में हर एयरपोर्ट पर महिलाओं की तलाशी एक पर्दे वाले इनक्लोजर के अंदर होती है, फिर चाहे वह कितना भी आजाद ख्याल का देश क्यों ना हो।’ मौलाना फिरंगी महली ने कहा कि,’ रैली की भीड़ में किसी महिला का बुर्का उतरवा कर छीन लेना गैरकानूनी है।इसके लिए पुलिस वालों को सजा मिलनी चाहिए।’
 इस घटना में बात एक महिला के इज़्ज़त की है ।कही ना कही इस तरह की तुच्छ घटनाएं हमारे मानसिकता को दर्शा रही है।आजादी के 70 साल बाद भी जहाँ हम सर्व धर्म समभाव  की बात करते है ।असल मे हम कहाँ है इस पर गहन विचार होना चाहिए।

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