उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार सुबह अयोध्या पहुंचे और यहां उन्होंने हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन किए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या दौरे पर हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला अयोध्या दौरा है। योगी ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि के विवाद का बातचीत के माध्यम से दोनों पक्ष समाधान का मार्ग निकाल सके तो सरकार आपके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि अगर हिंदू और मुस्लिम रामजन्मभूमि विवाद पर कोई बीच का रास्ता निकालते हैं तो सरकार उन्हें समर्थन देगी। योगी आदित्य नाथ ने बुधवार को सरयू नदी पर पूजा अर्चना की। इसके बाद योगी ने कहा कि अयोध्या के विकास में 350 करोड़ रुपए खर्ज किए जाएंगे। पूरे अयोध्या में हम एलईडी स्ट्रीट लाइट देंगे।

योगी आदित्य नाथ ने आगे कहा, “बहुत अच्छा लगा, लखनऊ में कई मुस्लिम संगठनों ने अयोध्या में राम जन्म भूमि हिंदू समाज को सौंपने की वकालत की है। संवाद का उचित अवसर आया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस बात की अपील की है और हमें इसे ध्यान में रखकर नया प्रयास प्रारंभ करना चाहिए।

बुधवार को अयोध्या की पतली गलियों में योगी का काफिला पहुंचा…उनके चरण छुए गए…जय श्रीराम के नारे गूंजे. योगी हनुमान गढ़ी की 51 सीढ़ियां चढ़कर दर्शन को पहुंचे. उन्होंने बजरंगबली की परिक्रमा की. यहां रामलला के दर्शन से पहले बजरंगबली के दर्शन की रवायत है. योगी ने उम्मीद जताई कि अयोध्या मसला जल्द बातचीत से हल होगा. योगी ने कहा कि “अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि के विवाद का हल बातचीत से जल्द होना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने भी संवाद का एक मौका दिया है.”

महंत से मुख्यमंत्री बने योगी को देखने राम जन्मभूमि मंदिर के रास्ते में तमाशबीनों की भीड़ थी. सड़कों से लेकर छतों तक लोग जमा थे. रामलला के दर्शन के बाद योगी सरयू के किनारे पहुंचे, जहां दरिया पर पुलिस का कड़ा पहरा था और घाटों पर खास सफाई थी. योगी ने यहां विधि-विधान से पूजा और आचमन किया और सरयू की आरती उतारी. बाद में उन्होंने कहा कि तमाम मुस्लिम भी मंदिर बनने के हिमायती हैं. योगी ने कहा कि “लखनऊ के कई मुस्लिम संगठनों ने राम जन्मभूमि हिंदू समाज को सौंपने की बात कही है. ऐसी बातें लगातार आ रही हैं. यहां दिगंबर अखाड़े में भी कुछ लोगों ने मुझसे कहा.”

इसके बाद योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर मुद्दे पर बंद कमरे में बैठक की. बैठक में मौजूद महंतों ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए हिंदू समाज ने बहुत इंतजार कर लिया. साथ ही उन्होंने प्रस्तावित राम मंदिर ढांचा की तस्वीर सीएम योगी को भेंट की.

ये बैठक दिगंबर अखाड़ा पर हुई. बैठक में बीजेपी सांसद विनय कटियार समेत बीजेपी विधायक शामिल रहे. सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में योगी आदित्यनाथ ने तमाम संतों को जल्द राम मंदिर मुद्दे के समाधान का भरोसा दिलाया. साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से आम सहमति बनाने की पहल की जाएगी. योगी ने कहा कि इसके लिए वो जिला मजिस्ट्रेट से बात भी करेंगे.

बैठक में संत समाज के बड़े चेहरे
सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ हुई इस मीटिंग में संत समाज के कई बड़े चेहरे शामिल रहे. महंत सुरेश दास, धर्म दास, श्री नारायणाचार्य, गौरी शंकर दास, देवेंद्र प्रसादाचार्य और जन्मिजेय शरण ने बैठक में सीएम योगी के सामने राम मंदिर का मुद्दा उठाया. वहीं बाबरी विध्वंस में साजिश के आरोपी विनय कटियार समेत सांसद बृजभूषण सिंह, विधायक खब्बू तेवरी, रामचंदर यादव, वेद प्रकाश गुप्ता और बाबा गोरखनाथ ने भी इस बैठक में हिस्सा लिया.

‘बहुत कर लिया इंतजार’
महंत धरमदास ने बैठक में कहा कि हिंदू समाज ने काफी लंबे समय तक इंतजार कर लिया है. उन्होंने कहा, ‘ अब क्योंकि योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं, इसलिए राम मंदिर निर्माण के लिए जल्द कदम उठाने चाहिए.

बता दें कि योगी आदित्यनाथ बतौर मुख्यमंत्री राम लला के दर्शन करने वाले उत्तर प्रदेश के दूसरे मुख्यमंत्री हैं. इससे पहले बतौर मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह 2002 में अयोध्या गये थे. 1991 में हुए बाबरी विध्वंस के बाद राम लला के दर्शन करने वाले वह दूसरे मुख्यमंत्री हैं.

सन 1992 से 2017 के बीच इन 25 सालों में सरयू में न जाने कितना पानी बह गया…अयोध्या की एक पूरी पीढ़ी जवान हो गई, जिसके जहन में बाबरी मस्जिद गिरने की तस्वीरों के अक्श नहीं हैं. लेकिन अयोध्या में दो चीज़ें नहीं बदलीं, एक तो यहां के हालात और दूसरे मंदिर को सियासी मुद्दा बनाने की कोशिशें. लेकिन आज योगी ने अयोध्या के विकास के लिए 350 करोड़ की योजनाओं की घोषणा की. इसमें 50 करोड़ से अयोध्या की सड़कों की मरम्मत, अयोध्या को 24 घंटे बिजली, अयोध्या में एलईडी स्ट्रीट लाइट, परिक्रमा मार्ग की मरम्मत, सरयू में गिरने वाले नालों के लिए एसटीपी, सरयू के किनारे आरती, राम की पैढ़ी का सौंदर्यीकरण, रामकथा संग्रहालय का आधुनिकीकरण और रामचंद्र परमहंस की समाधि के काम शामिल हैं. योगी ने यहां जय श्रीराम से भाषण शुरू किया और उसी पर खत्म किया.

बीजेपी नेता आडवाणी, जोशी, उमा भारती वगैरह के खिलाफ बाबरी मस्जिद मामले में अपराधिक षड्यंत्र के आरोप तय होने के अगले दिन योगी की इस अयोध्या यात्रा के सियासी मतलब निकाले जा रहे हैं.

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