चीन के अखबारों में अपनी आलोचना को लेकर योग गुरु बाबा रामदेव ने चीन पर तंज कसा है. उन्होंने कहा है कि भारत का योग गुरु सात्विक कार्यों के लिए अगर कोई अच्छा काम कर रहा है तो चीन को तकलीफ क्यों हो रही है. रामदेव ने कहा कि धर्म अन्धविश्वास नहीं है, चीन को यह समझने की जरुरत है. विदेशों में भी अन्धविश्वास फैला हुआ है.

डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के मसले को रामदेव ने भारत का आतंरिक मामला बताते हुए इस पर चीनी अखबारों की प्रतिक्रिया पर कड़ा एतराज जताया. पतंजलि के कार्यक्रम में हिस्सा लेने रायपुर पहुंचे योग गुरु बाबा रामदेव ने चीनी मीडिया में उन्हें लेकर आयी खबरों को चीन की भड़ास बताया है. रामदेव ने कहा कि वह लोक कल्याण के लिए अपना काम कर रहे है और ऐसे में चीन की चिढ़चिढ़ाहट समझ से परे है.

योगगुरु रामदेव ने कहा कि चीन जब ग्लोबल होता है तो उसे ख़ुशी होती है लेकिन जब भारत ग्लोबल होता है और उसका जब कोई योग गुरु ग्लोबल होता है तो उसे जलन क्यों होती है. उनके मुताबिक उनका बाजार और साम्राज्य सेवा और परमार्थ के लिए बढ़ रहा है और चीन को संकीर्ण और स्वार्थपूर्ण सोच से बाहर आना चाहिए.

रामदेव ने गुरमीत राम रहीम पर हुई क़ानूनी कार्यवाही को जायज ठहराते हुए कहा कि यह भारत का आतंरिक मामला है और चीन की मीडिया या सरकार को इस पर किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. उनके मुताबिक अमेरिका समेत दुनिया के कई विकसित देशों में रोजाना अपराध होते हैं, यौन उत्पीड़न के केस भारत की तुलना में विदेशों में ज्यादा हैं. उनके मुताबिक हमारे देश में एक राम रहीम है और विदेशों में इनकी संख्या कई ज्यादा है.

भारतीय साधू-संतो के बारे में चीनी मीडिया की टिप्पणी पर भी रामदेव ने एतराज जताया. उन्होंने कहा भारतीय धर्म-दर्शन और संत परंपरा चीन को समझनी चाहिए. उन्होंने सवाल किया कि क्या विदेशों में अन्धविश्वाश नहीं है. रामदेव ने देश की हजारों साल पुरानी संस्कृति और परम्परा की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि यह पूरी तरह से वैज्ञानिक है.

उनके मुताबिक गुरमीत राम रहीम को मिली 10 साल की सजा एक व्यक्ति विशेष के आचार, व्यवहार और चरित्र का मामला है, इसे गुरु और धर्म-संस्कृति से जोड़ कर नहीं देखा जाना चाहिए. बाबा रामदेव पतंजलि के उत्पादों और उसके प्रचार प्रसार में जोर-शोर से जुटे हुए है. वह छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाको में दौरा कर अपने उत्पादों की जानकारी दे रहे हैं.

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