पाकिस्तान ऐसा देश है जो आतंकवाद घुसपैठ के विषयों को लेकर अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भी काफी लताड़ खाया है। लेकिन इसके बावजूद भी पाकिस्तान के विचारों में कोई परिवर्तन देखने को नहीं मिलता ।अगर केवल 2017 की बात की जाए तो पाकिस्तान ने भारत पाक सीमा पर लगभग 771 बार सीजफायर का उल्लंघन किया है जो इसके ज्यादती को दर्शाता है और उसके साथ साथ भारत के सहनशीलता को दर्शाता है।

इस साल भारत देश को एक अद्भुत रक्षा मंत्री को पाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। निर्मला सीतारमण ने रक्षा मंत्री के पद पर रहते हुए एक अनोखा कार्यक्रम चलाया है। जिससे रक्षा सूत्रों रक्षा कार्यक्रमों और रक्षा गतिविधियों को एक नया और सुचारु रूप देने का प्रयास कर रही है।

निर्मला सीतारमण एक  विषय वस्तु को रूप देकर के रक्षा रक्षा विभाग के सेना प्रमुखों से मिलती हैं और आगामी प्रक्रियाओं पर विचार विमर्श करती है । वह इस बात पर विशेष ध्यान रखती हैं की सीमा पर जवानों को क्या तकलीफ हो रही है और उसका निराकरण कैसे किया जाए।

बीते 40 सालों में भारत और चीन के संबंध ज्यादा अच्छे रहे लेकिन इन 40 सालों में कभी भी भारत और चीन के सीमा पर गोलीबारी या फिर घुसपैठ नहीं हुई ।साल 2017 एक ऐसा साल रहा इसमें भारत और चीन के बीच डोकलाम विवाद में एक बार फिर से जन्म लिया। सिक्किम स्थित डोकलाम में चीनी सेना सड़क निर्माण का कार्य कर रही थी। जिसमें लगभग 73 दिनों का गतिरोध उत्पन्न हुआ।

साल 2017 भारत की रक्षा सौदों की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहा रक्षा तंत्र में नए-नए पनडुब्बियों जैसे कि आईएनएस कलवरी आदि का आगमन हुआ। जिससे भारत देश का रक्षा तंत्र और मजबूत हुआ परंतु पाकिस्तान द्वारा की गई घुसपैठ और सीज़फायर का अब तक कोई पूर्ण रूप से हल नहीं निकल पाया है ।ऐसी स्थिति में केंद्र सरकार को सोचना लाजमी होगा की पाकिस्तान का इलाज क्या होना चाहिए।

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