मालेगांव ब्लास्ट मामले के मुख्य आरोपी कर्नल पुरोहित के लिए राहत की खबर है। सुप्रीम कोर्ट ने 9 साल से जेल में बंद कर्नल पुरोहित की अंतरिम जमानत मंजूर कर दी है। लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित 2008 में हुए मालेगांव बम धमाके का आरोपी है। इस बम धमाके में छह लोग मारे गए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम जमानत देते हुए कहा, “हम बोम्बे हाई कोर्ट के फैसले को पलट रहे हैं।” बता दें सुप्रीम कोर्ट ने 17 अगस्त को ही जमानत मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। न्यायमूर्ति आर.के. अग्रवाल व न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे की पीठ ने आदेश को सुरक्षित रखा था।

पुरोहित ने अदालत से कहा था कि वह बीते नौ सालों से जेल में हैं और वह जमानत पाने का हकदार है। पुरोहित ‘अभिनव भारत’ के गठन से पहले सेना में था। अभिनव भारत का गठन उसने हिंदू राष्ट्र की लड़ाई के लिए किया था।

वारदात में अपने शामिल होने से इनकार करते हुए पुरोहित ने अदालत से कहा था कि अगर यह मान भी लिया जाए कि उस पर लगाया गया बम की आपूर्ति करने का आरोप सही है तो भी उसे जेल से बाहर होना चाहिए क्योंकि इस अपराध की भी अधिकतम सजा सात साल है जो वह पहले ही काट चुका है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जमानत याचिका का विरोध किया था।

एनआईए ने कहा कि मालेगांव विस्फोट में उसके शामिल होने के साक्ष्य हैं। पुरोहित ने 25 अप्रैल के बंबई उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी जिसमें मामले की दूसरी आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को जमानत दी गई थी। नासिक जिले के मालेगांव में 29 सितंबर, 2008 को हुए विस्फोट में 6 लोग मारे गए थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here