केरल में बीजेपी और लेफ्ट का टकराव बढ़ता जा रहा है। सूबे के सीएम पी विजयन ने सोमवार को केरल विधानसभा में बीजेपी पर सनसनीखेज आरोप लगाए। विजयन के मुताबिक, उन्हें इंटेलिजेंस रिपोर्ट मिली थी कि बीजेपी राज्य में कई जगहों पर हमले करा सकती है। बता दें कि एक दिन पहले ही केंद्रीय मंत्री और सीनियर बीजेपी नेता अरुण जेटली तिरुअनंतपुरम पहुंचे थे। उन्होंने आरएसएस-बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या के लिए राज्य की सत्ताधारी सीपीएम को जिम्मेदार ठहराया था।

सीएम का बीजेपी पर जोरदार हमला 
विजयन ने केरल विधानसभा में कहा, ‘सरकार के पास इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स थीं कि बीजेपी राज्य के कुछ हिस्सों में हमले करा सकती है। सरकार ने इसे रोकने के लिए कदम उठाए। जरूरत पड़ी तो सरकार यह मामला सीबीआई को सौंपने के लिए तैयार है।’ उन्होंने यह भी कहा कि हिंसा की घटनाओं की जांच कर रही टीम बीजेपी की ओर से कराई गई आंतरिक जांच रिपोर्ट पर भी विचार करेगी। उन्होंने कहा कि केरल पुलिस हिंसा की घटनाओं की बढ़िया तरीके से जांच कर रही है। सीएम के मुताबिक, केरल की छवि खराब करने के लिए बीजेपी झूठे प्रॉपेगैंडा का इस्तेमाल कर रही है। सीएम ने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज घोटाले से ध्यान हटाने के लिए बीजेपी यह सब कर रही है।

सीएम ने बुलाई सर्वदलीय बैठक
इससे पहले, रविवार को भी विजयन ने राज्य को ‘समस्याग्रस्त’ क्षेत्र के तौर पर दिखाने पर चिंता जाहिर की और हिंसा खत्म करने के लिए सभी राजनीतिक दलों से एकजुट कोशिश करने का आह्वान किया। आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या के बाद राजनीतिक हालात पर चर्चा के लिए बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद उन्होंने कहा कि इस तरह के ‘दुष्प्रचार’ से राज्य में निवेश की संभावनाओं पर विपरीत असर पड़ेगा क्यों संदेश जाएगा कि केरल समस्याग्रस्त राज्य है। सत्ताधारी सीपीएम, विपक्षी कांग्रेस और बीजेपी सहित सभी महत्वपूर्ण राजनीतिक दलों के नेताओं ने बैठक में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा राज्य में राजनीतिक हिंसा की घटनाएं बंद होनी चाहिए।

केरल पहुंचे थे जेटली 
बता दें कि केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली रविवार को तिरुअनंतपुरम पहुंचे थे। यहां उन्होंने मृतक आरएसएस कार्यकर्ता राजेश के परिवारवालों से मुलाकात की। 29 जुलाई को कथित तौर पर सीपीएम कार्यकर्ताओं ने आरएसएस कार्यकर्ता राजेश की हत्या कर दी थी। राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए जेटली ने अरोप लगाया कि सत्ताधारी सीपीएम प्रतिद्वंद्वी पार्टी के कार्यकर्ताओं को ‘खत्म’ करने के लिए अपने कार्यकर्ताओं का ‘इस्तेमाल’ कर रही है और हिंसा का माहौल बना रही है। जेटली ने कहा कि एलडीएफ जब भी सत्ता में आती है, हिंसा की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

केरल में राजनीतिक हिंसा का दौर 
गौरतलब है कि केरल में राजनीतिक हिंसा का दौर देखा जा रहा है। राज्य में सीपीएम कार्यकर्ताओं की हत्या या उनपर हमले के कुछ मामलों में बीजेपी-आरएसएस के कार्यकर्ताओं पर आरोप लगते रहे हैं। वहीं, आरएसएस-बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या या उनपर हमले के मामलों में सीपीएम कार्यकर्ताओं पर भी आरोप लगे हैं। देश की राजनीति पर दबदबा कायम करने के बाद बीजेपी अब उन राज्यों पर फोकस कर रही है, जहां उसकी मौजूदगी या तो कम है या न के बराबर है। इसी क्रम में पार्टी ने अब केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु जैसे राज्यों पर फोकस करने का फैसला किया है। आरएसएस नेतृत्व ने केरल में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है।

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