अलगाववादी भले ही कश्मीरी नौजवानों के हाथ में सिर्फ पत्थर देखकर ही खुश हों लेकिन अपनी सरजमीं की हिफाजत की चाह रखने वाले कश्मीर युवाओं की भी कमी नहीं है. इसकी मिसाल राज्य में चल रही पुलिस भर्ती में देखने को मिल रही है. महकमे में सब-इंस्पेक्टर की 698 रिक्तियों के लिए 67,218 कश्मीरी नौजवानों ने अर्जी दी है.

बख्शी स्टेडियम में युवाओं का तांता
शनिवार को श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में करीब 2 हजार लड़के और लड़कियां भर्ती की प्रक्रिया में शामिल होने पहुंचे. ये सभी भर्ती के लिए जरूरी फिजिकल टेस्ट देने आए थे. खाकी वर्दी के लिए जोश के मामले में कश्मीर के युवा जम्मू के नौजवानों को भी मात दे रहे हैं. पुलिस को घाटी से 35,722 अर्जियां मिली हैं जबकि जम्मू से 31,496 युवाओं ने आवेदन दिया है.

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लड़कियों ने भी दिखाया जोश
सब-इंस्पेक्टर की वर्दी का सपना देखने वालों में लड़कियां भी पीछे नहीं हैं. नौकरी के लिए अर्जी देने वालों में करीब 6 हजार लड़कियां हैं. जम्मू-कश्मीर के डीजीपी एस पी वैद्य ने अंग्रेजी अखबार ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ से कहा, ‘कश्मीरी लड़कियां बड़ी तादाद में सामाजिक रूढ़ियों को तोड़कर भर्ती की प्रक्रिया में शामिल हो रही हैं.’ भर्ती में शामिल होने आई कई लड़कियों का कहना था कि वो आतंकवाद के दौर में मुश्किलों का सामना करने वाली कश्मीरी महिलाओं की मदद के लिए पुलिस में शामिल होना चाहती हैं. वहीं कुछ के लिए पुलिस की नौकरी समाज में प्रतिष्ठा का सवाल है.

आतंकी धमकियों को ठेंगा
पिछले हफ्ते ही आतंकियों ने सेना के लेफ्टिनेंट उमर फैयाज को शहीद किया था. ये घाटी के युवाओं को सेना से दूर रहने का संदेश था. इससे पहले भी कश्मीर में हिज्बुल और लश्कर ए तैयबा के सरगना धमकी दे चुके हैं कि कश्मीर के नौजवान पुलिस में शामिल ना हों. कई वीडियो संदेशों में पुलिसवालों के परिवारों तक को निशाना बनाने की धमकी दी गई है.

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