उत्‍तर प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव को उन्‍नाव के बाद आगरा-लखनऊ एक्‍सप्रेसवे पर हिरासत में ले लिया है। समाजवार्टी पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष के रूप में अखिलेश औरैया जा रहे थे। वहां उन्‍हें पूर्व विधायक व सपा नेता प्रदीप यादव से मिलना था जिनकी जिला पंचायत चुनाव के दौरान हुई झड़प में पिटाई की गई थी।

समाजवार्टी पार्टी ने इस पूरी कार्रवाई को ‘असंवैधानिक’ बताते हुए कहा कि यह भाजपा के इशारे पर किया गया है। पार्टी ने ट्वीट कर कहा, ”भाजपा के इशारे पर पुलिस ने राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी को असंवैधानिक तरीके से रोका।” सपा की तरफ से इस कार्रवाई का विरोध भी शुरू हो गया है। कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र में सपा की युवा इकाई ने हाइवे पर योगी सरकार का पुतला फूंका है।

अखिलेश यादव इन दिनों सरकार पर हमलावर हैं। गोरखपुर के सरकारी अस्‍पताल में बच्‍चों की मौत पर उन्‍होंने सरकार को आड़े हाथों लिया था। अखिलेश ने एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा था, ”मृतकों के परिजनों को लाश देकर भगा दिया गया, यही नहीं मृतक बच्चों का पोस्टमार्टम तक नहीं हुआ है।

योगी सरकार ने यह सब सच्चाई छुपाने के लिए किया है। बच्चों की मौत से मैं दुखी हूं।” अखिलेश ने कहा, “मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में बच्चों की मौत ऑक्सीजन की कमी से ही हुई है। अगर मुख्यमंत्री स्तर पर समीक्षा में आक्सीजन का भुगतान न होने की बात सामने नहीं आई तो गलती किसकी। हो सकता है कि कमीशन की वजह से ऑक्सीजन का भुगतान न हुआ हो।”

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